- Toxics Link Welcomes CDSCO’s Nationwide Action Against Toxic Skin-Lightening Products
- bajaj Electricals comes on board as co-Powered by sponsor for Bigg Boss Hindi Season 20
- Rupali Suri, Manushi Chhillar and Malaika Arora Rule the Fashion Game: 3 Style Icons Who Continue to Turn Heads
- From Hathoda Tyagi to Jana: 7 Roles That Show Abhishek Banerjee’s Range
- Rohit Saraf on Undergoing 15-Months of Physical Transformation for The Revolutionaries: I was active, I was fit, but I was definitely not Brad Pitt from Fight Club
केयर सीएचएल हॉस्पिटल में एक 10 वर्षीय बच्ची की रेयर ब्रेन वैस्कुलर सर्जरी सफल हुई
इंदौर, 18 मार्च 2026: जब सिर की नसें असामान्य तरीके से आपस में जुड़कर जाल बना लेती हैं, तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ब्रेन आर्टेरियोवेनस मालफॉर्मेशन (एवीएम) कहा जाता है। एवीएम होने पर सिर की नसें असामान्य रूप से जुड़ी होती हैं और खून सामान्य नसों से होकर नहीं, बल्कि सीधे गुज़रता है, जिससे तेज सिरदर्द, दौरे और गंभीर मामलों में स्थायी नुकसान का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में सही समय पर सर्जरी और विशेषज्ञों की देखभाल मरीज की जिंदगी बदल सकती है। ब्रेन एवीएम भारत में जन्म से होने वाली दुर्लभ वैस्कुलर असामान्यताएँ हैं, जो दुनिया भर में हर साल लगभग 100,000 लोगों में से 1 को होती हैं।
ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया, जहाँ 10 साल की एक बच्ची लंबे समय से सिर में जटिल एवीएम से पीड़ित थी। उसे पहले तीन बार स्क्लेरोथेरेपी दी गई थी, लेकिन इससे कोई खास राहत नहीं मिली। लगातार सिरदर्द और असहनीय तकलीफ ने उसकी पढ़ाई, खेल-कूद और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर दिया था। परिवार ने जब स्थिति गंभीर पाई, तो बच्ची को केयर सीएचएल हॉस्पिटल लाया गया।
यहाँ विशेषज्ञों ने एमआरआई और अन्य जांचों के जरिए एवीएम की जटिलता और सटीक लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद केयर सीएचएल हॉस्पिटल की टीम ने विस्तृत योजना बनाकर ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन को प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्राचीर मुकाती और वेस्कुलर सर्जन डॉ. रजत महेश्वरी ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पूरे उपचार और सर्जरी प्रक्रिया के दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ पिपरसनिया ने लगातार निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की, जिससे ऑपरेशन सुरक्षित और प्रभावी तरीके से पूरा हो सका।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्राचीर मुकाती ने बताया, “एवीएम बच्चों में एक जटिल और चुनौतीपूर्ण स्थिति है। ऐसे मामलों में समय पर सही डायग्नोसिस और विशेषज्ञों द्वारा सर्जरी बेहद ज़रूरी हो जाती है। हमारे हॉस्पिटल में हम हर मरीज के लिए व्यक्तिगत और व्यापक योजना बनाते हैं, ताकि ऑपरेशन सुरक्षित, प्रभावी और स्थायी राहत प्रदान करे। इस केस में हमें खुशी है कि बच्ची अब अपने सामान्य जीवन में लौट रही है और दर्द से राहत मिल गई है। यह सफलता केवल सर्जरी की तकनीक नहीं, बल्कि हमारी टीम की सतत निगरानी और समर्पण का परिणाम है।”
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के वेस्कुलर सर्जन डॉ. रजत महेश्वरी ने बताया, “एवीएम जैसे मामलों में सबसे बड़ी चुनौती इसकी जटिल संरचना और संवेदनशील लोकेशन होती है। ऐसे में सर्जरी को अत्यंत सावधानी और सटीक योजना के साथ करना पड़ता है, ताकि आसपास की स्वस्थ नसों और ऊतकों को कोई नुकसान न पहुँचे। इस केस में टीमवर्क और एडवांस सर्जिकल तकनीकों की मदद से हम सुरक्षित तरीके से एवीएम को हटाने में सफल रहे, जिससे मरीज को दीर्घकालिक राहत मिल सकी।”
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ पिपरसनिया ने बताया, “बच्चों के ऐसे जटिल मामलों में केवल सर्जरी ही नहीं, बल्कि समग्र देखभाल जरूरी होती है। हमने हर स्टेज पर बच्ची की स्थिति को मॉनिटर किया और उसकी जरूरत के अनुसार उपचार दिया। इसी कारण उसकी रिकवरी सुरक्षित रही और अब वह पहले से काफी बेहतर है।”
ऑपरेशन के बाद बच्ची की स्थिति में स्पष्ट सुधार देखा गया और अब उसे लगातार सिरदर्द और असहनीय तकलीफ से काफी राहत मिली है। वह अब धीरे-धीरे अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियों और स्कूल जीवन की ओर लौट रही है। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी रिकवरी सामान्य बनी हुई है। परिवार ने बताया कि बच्ची अब काफी बेहतर महसूस कर रही है।
मध्य प्रदेश में यह सर्जिकल सुविधा आमतौर पर उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण मरीज़ों को इलाज के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था। अब, केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर में जटिल वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा अस्पताल में ही उपलब्ध है। इसके लिए अस्पताल ने वैस्कुलर और प्लास्टिक सर्जनों की एक अनुभवी टीम नियुक्त की है। डॉ. रजत माहेश्वरी हाल ही में सर गंगा राम अस्पताल, दिल्ली से जुड़ने के बाद केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर में शामिल हुए हैं, जिससे मरीजों को अब और बेहतर व उन्नत उपचार उपलब्ध हो सकेगा।


